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शिमला।हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार कोई गंभीर नहीं है.जिस तरह से नए शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए निजी स्कूलों ने फीस 25 से 30 फीसदी तक स्कूल फीस में बढ़ोतरी की है. उससे आम आदमी यानी कि बच्चों के अभिभावक परेशान हैं. शिमला में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी प्रदेश प्रवक्ता गौरव शर्मा ने बताया कि हिमाचल में पिछले कई सालों से स्कूल माफियाओं के साथ बीजेपी- कांग्रेस सरकार मिली है. जिसका खामियाजा हिमाचल की जनता को झेलना पड़ रहा. उन्होंने कहा कि हिमाचल में भाजपा और कांग्रेस की सरकारों का निजी स्कूलों के साथ एक नेक्सेस चल रहा है जो आम जनता को मूर्ख बनाकर स्कूलों को फायदा पहुंचाने का काम कर रहा है. प्रदेश में निजी स्कूल सरकार के साथ मिलजुल कर अपनी फीस तो बढ़ा देते हैं लेकिन अभिभावकों और बच्चों को कोई राहत नहीं देते हैं.

उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के इस नेक्सस को खत्म करने के लिए प्रदेश में अरविंद केजरीवाल मॉडल लाना होगा जो सरकारी स्कूलों पर लगाम लगाएंगे.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी अभिभावकों से गुजारिश है अपने बच्चों के बेहतर पढ़ाई और भविष्य के लिए हिमाचल में भी आप की सरकार बनाएं, अरविंद केजरीवाल की सरकार बनाए आपको भी दिल्ली और पंजाब की तरह राहत देने का काम करेंगे और प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर पूरी तरह से रोक लगाएंगे.

गौरव शर्मा ने कहा कि दिल्ली में पिछले 7 सालों से प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं बढ़ने दी है.ईडब्ल्यूएस के एडमिशन में पूरी तरह से ट्रांसपेरेंसी रखी गई है. दिल्ली में प्राइवेट स्कूल माफियाओं को पूरी तरह से सरकार ने मनमानी करने पर लगाम लगाकर अभिभावकों को राहत दी है जबकि दिल्ली के बाद पंजाब में भी सरकार बनते ही तुरंत पंजाब सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक लगा कर अभिभावकों को कहीं से भी स्कूल स्टेशनरी,ड्रेस खरीदने की छूट देकर राहत दी है.उसी तरह से यदि हिमाचल में आम आदमी की सरकार बनती है तो हिमाचल वासियों को भी निजी स्कूलों की मनमानी पर राहत दी जाएगी.
उन्होंने कहा कि राजधानी शिमला के बड़े निजी स्कूलों ने 25 से 30 फीसदी तक स्कूल फीस बढ़ाई है जिससे फीस में 4000 से लेकर 9000 रुपए तक महंगी हुई है.बच्चों के अभिभावक कोरोना काल से एक तरफ पहले ही परेशान हैं तो दूसरी तरफ अब निजी स्कूलों की मनमानी से और ज्यादा परेशान हैं.इस परेशानी को दूर करने के लिए अब सभी अभिभावकों को एक होकर लड़ाई लड़नी पड़ेगी जो आम आदमी पार्टी के साथ लड़नी होगी.क्योंकि दिल्ली और पंजाब में जिस तरह से निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाकर शिक्षा का स्तर पूरे देश के लिए रोल मॉडल बनता जा रहा है वह अब हिमाचल में भी होने वाला है.हिमाचल की जनता आने वाले विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी की सरकार बनाकर सहयोग करें और पार्टी केजरीवाल मॉडल से प्रदेश का विकास करेगी.

By admin

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