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बद्दी। बद्दी में न्यूट्रास्यूटिकल्स की आड़ में चल रहे नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 2.23 लाख से अधिक प्रतिबंधित गोलियां बरामद होने से पूरे क्षेत्र में हडक़ंप मच गया। किशनपुरा में एक संदिग्ध ठिकाने पर दबिश के दौरान टीम को भारी मात्रा में पैकिंग मैटीरियल, प्रिंटेड फॉयल और अन्य सामग्री मिली। छानबीन के दौरान बिलांवाली स्थित सालासर कांप्लेक्स में संचालित एक वर्कशॉप का सुराग मिला, जहां देर रात छापेमारी कर ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड और अल्प्राजोलम की बड़ी खेप बरामद की गई। मौके से मशीनें, पैकिंग सामग्री और अन्य उपकरण भी कब्जे में लिए गए हैं। कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अब जांच का दायरा दूसरे राज्यों तक फैलने की आशंका जताई जा रही है। कांगड़ा के ड्रग इंस्पेक्टर कुशल को बद्दी क्षेत्र में अनधिकृत स्रोत से प्रेगाबालिन, टेपेंटाडोल और ट्रामाडोल जैसी प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई संबंधी गुप्त सूचना मिली थी। राज्य दवा नियंत्रक डा. मनीष कपूर ने तत्काल ड्रग इंस्पेक्टर विकास ठाकुर, सुरेश चौहान, अभिलाष कुमार और अक्षय ठाकुर की टीम गठित की। गत सात मई की देर रात पुलिस के सहयोग से किशनपुरा में की गई कार्रवाई के दौरान टीम को दवाओं की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला मैटीरियल, प्रिंटेड फॉयल और अन्य संदिग्ध सामग्री मिली।

इसके बाद बिलांवाली स्थित सालासर कांप्लेक्स में छापेमारी के दौरान हरि राम सुधार की किराए की बिल्डिंग में संचालित वर्कशॉप की तलाशी ली गई। प्रथम मंजिल और बेसमेंट में चल रही गतिविधियों की जांच के दौरान टीम को चार संदिग्ध पेटियां मिलीं। तीन पेटियों से ट्रामाडोल हाइड्रोक्लोराइड (टोडल-100) की 161920 गोलियां तथा एक पेटी से अल्प्राजोलम टैबलेट्स (एट्रॉक्स-0.5) की 61164 गोलियां बरामद हुईं। 223084 प्रतिबंधित गोलियां कब्जे में ली गईं। मौके से शिव पूजन प्रजापति उत्तर प्रदेश तथा अनुराग शुक्ला कानपुर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया। थाना बद्दी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22ए 61 और 85 के तहत मामला दर्ज कर किया है। एसपी बद्दी विनोद धीमान ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

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