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बद्दी। आईईसी विश्वविद्यालय, बद्दी द्वारा आयोजित ‘अवसर 4.0’ कार्यक्रम के तहत छात्रों के लिए शैक्षणिक और व्यावहारिक विकास के दो विशेष सत्रों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के माध्यम से विश्वविद्यालय ने एक बार फिर छात्रों को क्लासरूम की चारदीवारी से बाहर निकालकर वास्तविक दुनिया के अनुभवों से रूबरू कराया।ऐतिहासिक पिंजौर गार्डन में वास्तुकला और प्रकृति का अनुभव अभियान की शुरुआत 7 मई को हुई, जब छात्रों के एक दल ने ऐतिहासिक पिंजौर गार्डन (यादविंद्र गार्डन) का भ्रमण किया। यह यात्रा तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए एक बेहतरीन जरिया साबित हुई।
मुख्य आकर्षण: छात्रों ने सात स्तरों (Terraces) वाले मुगल गार्डन की अनूठी वास्तुकला को करीब से समझा।
उद्देश्य: प्रकृति के बीच समय बिताते हुए छात्रों में टीमवर्क और आपसी तालमेल को बढ़ावा देना।
अनुभव: छात्रों के लिए यह दौरा तनावमुक्त होने और भारतीय विरासत की तकनीकी बारीकियों को समझने का एक यादगार अवसर रहा।
ईस्टमैन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में तकनीकी बारीकियों का ज्ञान
कार्यक्रम के दूसरे चरण में 8 मई को छात्र बद्दी स्थित Eastman Company के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के औद्योगिक दौरे पर गए। इस दौरे का प्राथमिक उद्देश्य छात्राओं को किताबी ज्ञान (थ्योरी) और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को समझाना था।
दौरे की प्रमुख बातें:
भविष्य की तकनीक: छात्राओं ने लिथियम-आयन बैटरी और सौर ऊर्जा समाधानों की पूरी उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन: ईस्टमैन के विशेषज्ञों ने ‘मेड इन इंडिया’ मैन्युफैक्चरिंग, क्वालिटी कंट्रोल और आधुनिक टेक्नोलॉजी पर विस्तार से प्रकाश डाला।
ऑटोमेशन और कोडिंग: छात्रों को बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाली ऑटोमेशन प्रक्रियाओं और कोडिंग के व्यावहारिक अनुप्रयोग को करीब से देखने का मौका मिला।
छात्रों की प्रतिक्रिया
भ्रमण पर गई छात्राओं ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “यह दौरा हमारे लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा। हमने किताबों में जो पढ़ा, उसे असल में काम करते हुए देखना एक अद्भुत अनुभव था। ईस्टमैन की टीम ने हमें इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन की जो बारीकियां समझाईं, वे हमारे भविष्य के करियर के लिए मील का पत्थर साबित होंगी।”
विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण:
आईईसी विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि व्यावहारिक अनुभव और औद्योगिक एक्सपोज़र छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य हैं। ‘अवसर 4.0’ इसी दिशा में एक सफल कदम है।

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