शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 6,811 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछली सरकार के कार्यकाल की तुलना में 33.18 प्रतिशत अधिक हैं। इस अवधि में 10,357 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा चिट्टा सहित 45,867 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए हैं। सरकार के यह प्रयास प्रदर्शित कर रहे है कि सरकार ने नशे के खिलाफ कार्रवाई को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर सशक्त और निर्णायक कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक हुई मैपिंग में लगभग 12,000 व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा प्रदेश की 234 अति संवेदनशील पंचायतों में विशेष पुलिस और सीआईडी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चिट्टे की समस्या से अत्यधिक प्रभावित पंचायतों की पहचान के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया।
कहां, कितनी पंचायतें
शिमला में 19, सोलन में नौ, सिरमौर में 20, पुलिस जिला बद्दी में 26, बिलासपुर में 27, हमीरपुर में 14, कुल्लू में 28, मंडी में 24, कांगड़ा में 15, चंबा में 13, पुलिस जिला नूरपुर में 22, पुलिस जिला देहरा में सात तथा ऊना जिला में दस पंचायतों की पहचान की गई है। इन पंचायतों में निगरानी के लिए पुलिस और सीआईडी कर्मियों की विशेष तैनाती की गई है।
अब तक 174 नशा तस्कर हिरासत में
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 174 नशा तस्करों और माफियाओं को एनडीपीएस अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है, जबकि पिछली भाजपा सरकार अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में इस अधिनियम को लागू करने में विफल रही थी। वर्तमान में एनडीपीएस अधिनियम के तहत नशा तस्करों के खिलाफ निवारक कार्रवाई करने में हिमाचल प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2026 में अब तक पूरे देश में एनडीपीएस अधिनियम के तहत की गई कुल निवारक कार्रवाईयों में से एक-तिहाई (लगभग 33 प्रतिशत) कार्रवाई अकेले हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा की गई है। अवैध नशा व्यापार को आर्थिक रूप से समाप्त करने के उद्देश्य से पिछले साढ़े तीन वर्षों में लगभग 51 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त की गई है, जो पिछली सरकार के कार्यकाल की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।
76 अवैध संपत्तियों की पहचान
एसटीएफ ने 700 से अधिक मामलों की जांच की और 300 मामलों को वित्तीय जांच एवं संपत्ति फ्रीज करने के लिए चिन्हित किया। अब तक 76 अवैध संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है तथा 17 मामलों में अवैध संपत्तियों को तोड़ा गया है।
