वाकनाघाट (सोलन):जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (JUIT) के जैव प्रौद्योगिकी एवं जैव सूचना विज्ञान विभाग द्वारा भविष्य की औद्योगिक जरूरतों और अकादमिक उत्कृष्टता के बीच सेतु बनाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान को Panacea Biotec Ltd. की आर एंड डी (बायोलॉजिकल्स) हेड, डॉ. प्रियंका प्रियदर्शिनी के आतिथ्य का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
भव्य स्वागत और सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. प्रियंका का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान विभाग के अध्यक्ष प्रो. जटा शंकर और डीबीटी पीजी टीचिंग प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रो. अनिल कांत ठाकुर उपस्थित रहे। इस गरिमामयी अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा, डीन (आर एंड आई) प्रो. सुधीर स्याल, और एसोसिएट डीन (इनोवेशन) प्रो. तीर्थ राज सिंह सहित समस्त संकाय सदस्य और छात्र मौजूद थे।
GAT-B मॉक टेस्ट-2026 के विजेताओं का सम्मान
डॉ. प्रियंका ने JUIT GAT-B मॉक टेस्ट-2026 के विजेताओं के लिए आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उल्लेखनीय है कि:
इस मॉक टेस्ट में हिमाचल प्रदेश के 12 विभिन्न कॉलेजों के 384 छात्रों ने हिस्सा लिया था।
JUIT के संकाय सदस्यों ने स्वयं विभिन्न महाविद्यालयों का दौरा कर यह परीक्षा आयोजित की थी, ताकि छात्रों को भारत सरकार की GAT-B परीक्षा के लिए तैयार किया जा सके।
कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता में विजेताओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
उद्योग जगत की अपेक्षाओं पर ज्ञानवर्धक व्याख्यान
अपने प्रवास के दौरान डॉ. प्रियंका ने यूजी, पीजी और पीएचडी छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने अपने व्याख्यान में जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक माहौल, औद्योगिक प्रक्रियाओं और प्लेसमेंट की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि एक सफल करियर के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी कौशल और व्यावसायिक दक्षताओं का होना अनिवार्य है।
अनुसंधान और अकादमिक मूल्यांकन
शैक्षणिक गतिविधियों के तहत डॉ. प्रियंका ने स्नातकोत्तर छात्रों की वाइवा-वोचे (viva-voce) परीक्षा ली और विभाग में चल रहे शोध कार्यों की उच्च गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और संकाय सदस्यों के साथ भविष्य की शोध परियोजनाओं और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
निष्कर्ष
यह यात्रा न केवल छात्रों के लिए प्रेरणादायक रही, बल्कि इसने भविष्य में शोध और नवाचार के क्षेत्र में अकादमिक-औद्योगिक साझेदारी (Industry-Academia Partnership) को और मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक और उत्साहजनक वातावरण में हुआ, जिसने विद्यार्थियों को जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाने हेतु नई दिशा प्रदान की।
