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सोलन, 16 मई 2026: जयपी यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (JUIT), वाकनाघाट ने आज अंबाला के ‘रामाडा बाय विंधम’ (Ramada by Wyndham) में एक भव्य “प्रिंसिपल्स मीट” का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस विशेष कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों के प्राचार्यों, प्रख्यात शिक्षाविदों और अकादमिक नेतृत्वकर्ताओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान भारत में शिक्षा के भविष्य, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) और नवाचार-आधारित शिक्षण पद्धतियों पर बेहद सार्थक और गंभीर चर्चा की गई।
यह गरिमामयी कार्यक्रम JUIT के माननीय सीईओ श्री मनु भास्कर गौर के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मीट का आयोजन ‘अंबाला प्रोग्रेसिव सहोदया स्कूल काउंसिल’ तथा ‘हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस’ के विशेष सहयोग से किया गया।
दिग्गज शिक्षाविदों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्र के प्रमुख शिक्षाविदों और सहयोगकर्ताओं ने अपनी भूमिका निभाई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल रहे:
डॉ. विकास कोहली
मि. प्रशांत मुंजाल
मि. सौरभ कपूर
श्री पवन आचार्य
उच्च शिक्षण संस्थानों की बदलती भूमिका पर कुलपति का संबोधन
JUIT के कुलपति प्रो. राजेंद्र कुमार शर्मा ने आधुनिक तकनीकी शिक्षा, नवाचार-आधारित शिक्षण और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने में उच्च शिक्षण संस्थानों की बदलती भूमिका पर अपने महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने प्रेरणाप्रद संबोधन में व्यावहारिक शिक्षण, अनुसंधान (रिसर्च) और उद्योग-अकादमिक (Industry-Academia) सहयोग की आवश्यकता को रेखांकित किया।
आधुनिक शिक्षा और भारतीय मूल्यों का बेजोड़ संगम: श्री पवन आचार्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री पवन आचार्य ने JUIT के उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल, अनुशासित संस्कृति और मूल्य-आधारित शिक्षा प्रणाली की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा:
“JUIT भारतीय परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक आदर्शों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा के साथ सफलतापूर्वक जोड़ रहा है। विश्वविद्यालय की छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धति और समग्र दृष्टिकोण विद्यार्थियों में रचनात्मकता व नेतृत्व क्षमता का विकास कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बना रहा है।”
वहीं, डॉ. विकास कोहली ने अपने संबोधन में ‘STEM’ (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता सीधे तौर पर शिक्षकों और प्राचार्यों की शिक्षण प्रक्रियाओं से जुड़ी होती है।
तकनीकी सत्र: ‘NEP 2020 के तहत STEM लीडरशिप’ पर विशेष व्याख्यान
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में विश्वविद्यालय के प्रो. तीरथ राज सिंह द्वारा “Transforming Education: STEM Leadership under NEP 2020” विषय पर एक ज्ञानवर्धक तकनीकी व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
इस सत्र में उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
वैश्विक चुनौतियाँ: शैक्षणिक संस्थान अनुसंधान, रचनात्मकता और समालोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) के माध्यम से छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करें।
भविष्य की तकनीक: शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव लाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बहुविषयक शिक्षा (Multidisciplinary Education) और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना अनिवार्य है।
समन्वय और सफल संचालन
इस पूरी मीट का सफल और प्रभावी संचालन प्रो. तीरथ राज सिंह द्वारा किया गया। वहीं, डॉ. अंकुश टांटा एवं मि. प्रवीण कुमार ने कार्यक्रम के शानदार समन्वय और इसके सफल क्रियान्वयन में अपनी महत्वपूर्ण सहयोगात्मक भूमिका निभाई।
निष्कर्ष:
यह ‘प्रिंसिपल्स मीट’ JUIT और क्षेत्र के अग्रणी विद्यालयों के मध्य संवाद, सहयोग तथा विचारों के आदान-प्रदान का एक ऐतिहासिक मंच सिद्ध हुई। कार्यक्रम का समापन एक प्रभावी प्रश्नोत्तर (संवाद) सत्र और क्षेत्र में STEM नेतृत्व व शैक्षणिक परिवर्तन को और मजबूत करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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