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शिमला। हिमाचल प्रदेश में पचायती राज संस्थाओं के चुनाव में कुल 131 ग्राम पंचायतें ऐसी रहीं, जहां सभी पद निर्विरोध चुने गए हैं। इनमें सबसे अधिक 42 ग्राम पंचायतें शिमला जिला में निर्विरोध बनी हैं। इसके अलावा सिरमौर में 22, मंडी में 17 तथा किन्नौर-लाहुल स्पीति में 18 पंचायतें बिना मुकाबले चुनी गईं। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में पंचायतों के साथ ही बड़ी संख्या में विभिन्न पदों के लिए निर्विरोध उम्मीदवार चुने गए हैं। गांव की सरकार बनाने के लिए आपसी भाईचारे को कायम रखते हुए प्रदेश में 15 मई के बाद कुल 10854 पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। गौर हो कि पंचायत चुनावों के लिए अधिसूचना 29 अप्रैल, 2026 को जारी की गई थी।

नामांकन पत्र सात, आठ और 11 मई को भरे गए, जबकि उनकी जांच 12 और 13 मई को संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा की गई। 15 मई को नामांकन वापसी के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आबंटित किए गए। प्रदेश में सबसे अधिक 10307 वार्ड सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। शिमला जिले में 1,687, कांगड़ा में 1,657 और कुल्लू में 1,296 वार्ड सदस्य बिना मुकाबले चुने गए। बहरहाल प्रदेश की अन्य पंचायतों में भी चुनावों के लिए आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव होने के बाद अब ग्रामीण संसद के चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं

जिलावार प्रमुख आंकड़े

शिमला में 21 पंचायत समिति सदस्य, 51 प्रधान और 87 उपप्रधान निर्विरोध चुने गए। सिरमौर में 18 पंचायत समिति सदस्य, 32 प्रधान और 71 उपप्रधान निर्विरोध निर्वाचित हुए। मंडी जिले में 12 पंचायत समिति सदस्य और 17 ग्राम पंचायतें निर्विरोध रहीं। किन्नौर-लाहुल स्पीति में सात पंचायत समिति सदस्य, 22 प्रधान और 23 उपप्रधान बिना मुकाबले चुने गए।

शांतिपूर्ण चुनाव की अपील

आयोग सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ रही है। आयोग ने मतदाताओं और प्रत्याशियों से लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने में सहयोग की अपील की है।

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