शिमला। भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में लोकभवन में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता से मिला। इस दौरान भाजपा नेताओं ने प्रदेश में पंचायतीराज एवं नगर निकाय चुनावों के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में कथित हस्तक्षेप, नियमों में बदलाव तथा जनादेश को प्रभावित करने के प्रयासों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान आयोजित मंत्रिमंडल बैठक और उसमें लिए गए निर्णयों की तत्काल संवैधानिक एवं प्रशासनिक समीक्षा करवाई जाए। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक ऐसे सभी निर्णयों, घोषणाओं एवं अधिसूचनाओं पर तत्काल रोक लगाई जाए। चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों एवं अधिसूचनाओं में बदलाव कर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के प्रयासों की न्यायिक एवं प्रशासनिक जांच करवाई जाए।
चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने हेतु सरकारी मशीनरी एवं प्रशासनिक संसाधनों के उपयोग की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रभावित करने, दबाव बनाने एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उन्होंने मांग की कि उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए और चुनावों को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई घोषणाओं एवं निर्णयों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। इस अवसर पर पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज, संजय सूद, प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, केशव चौहान, संजय ठाकुर, कुसुम सदरेट, कमलजीत सूद, प्रमोद ठाकुर, गणेश दत्त, कर्ण नंदा, संजीव देष्टा, गुरमीत सिंह, जगदीश चंद शर्मा, अंशुल बंसल, किरण बाबा, प्यार सिंह, सुदीप महाजन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जनता की आवाज बनेगी भाजपा
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव बिंदल ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता की आवाज बनकर खड़ी है। डा. बिंदल ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों और अधिनियमों में संशोधन करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बैकडोर तरीके से चुनावों को नियंत्रित करना चाहती है।
आचार संहिता का हो रहा उल्लंघन
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है जो लोकतंत्र की मूल इकाइयों को कमजोर करने वाले हैं। सरकार ने पहले पंचायत चुनावों को टालने के अनेक प्रयास किए, लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में उसे असफलता मिली। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल प्रदेश में चुनाव केवल सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के कारण हो पा रहे हैं।
