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शिमला।राजकीय उच्च विद्यालय डकाहल में अध्यापक दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। इसमें सभी बच्चों ने बढ़चढ़ भाग लिया । बच्चों ने भिन्न-भिन्न गतिविधियों जिसमें भाषण , कविता , शायरी , पहाड़ी संगीत और डांस से अध्यापकों को मंत्रमुग्ध किया । बच्चों द्वारा इस पावन अवसर पर अध्यापकों की हास्य गेम्स करवाई गई जिसमें सभी अध्यापकों ने सहभाग किया । बच्चों की तरफ से अध्यापकों को विशेष उपहार भी वितरित किए गए । इस कार्यक्रम में अध्यापकों के साथ एस.एम.सी. अध्यक्ष रीना चौहान महिला मंडल प्रधान मनीता शर्मा की भी गरिमामय उपस्थिति रही । कार्यक्रम के अंत में प्रधानाध्यापक राजेश टेक्टा ने अपने संबोधन में कहा कि हमें गुरु शिष्य परम्परा का निर्वहन करना चाहिए । आज के समय में जो गुरु शिष्य संबंधों में खटास आ रही है यह दुर्भाग्यपूर्ण है । हमें अपनी पुरातन संस्कृति को अपनाने की आवश्यकता है । हमारा भारतवर्ष प्राचीनतम काल से ही सभ्य और समृद्ध देश रहा है । उन्होंने कहा कि जब दुनिया निरक्षर थी तो यहां हर गांव में चार लाख बत्तीस हजार गुरूकूल चलते थे और शिष्य उसमें शिक्षा ग्रहण करते थे । पूरी दुनिया के शिक्षार्थी और शोधार्थी यहां शिक्षा ग्रहण करने आते थे । इस देश में गुरू शिष्य के सम्बन्ध सदैव पवित्र और शाश्वत रहे हैं , इसमें टेक्टा जी ने द्रोणाचार्य , कृपाचार्य , परशुराम , विश्वामित्र जैसे तमाम गुरूओं के उदाहरण दिए ।

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