भारत सरकार के उपक्रम सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड के सीएमडी नंदलाल शर्मा ने साफ किया है कि जब तक विरोध होगा, एसजेवीएन जबरदस्ती बिजली प्रोजेक्ट नहीं लगाएगा। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने लोगों से भी अपील की कि विकास और सुविधाओं के लिए सहयोग भी जरूरी है। वह शिमला में वार्षिक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ डायरेक्टर पर्सनल गीता कपूर, डायरेक्टर इलेक्ट्रिकल सुशील कुमार और डायरेक्टर फाइनांस एके सिंह आदि भी उपस्थित थे। नंदलाल शर्मा ने कहा कि चेनाब बेसिन में आबंटित हुए प्रोजेक्टों को बनाने के लिए सतलुज जल विद्युत निगम गंभीर है और यहां से ट्रांसमिशन लाइन का मामला पावर ग्रिड से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इस बेसिन के प्रोजेक्ट्स पर अभी सर्वे और इन्वेस्टिगेशन चल रहा है, जहां तक किन्नौर में बनने वाले जंगी थोपन पवारी प्रोजेक्ट का मामला है, तो वहां भी लोगों को मनाने के लिए कोशिश जारी रहेंगी। नंदलाल शर्मा ने एसजेवीएन के आगामी लक्ष्यों को भी मीडिया से साझा किया।
एसजेवीएन अभी 2016 मेगावाट बिजली बना रहा है, लेकिन आने वाले वर्षों के लिए लक्ष्य शेयर्ड मिशन के तहत तय किए गए हैं। इसके तहत वर्ष 2023-24 तक 5000 मेगावाट और वर्ष 2030 तक 25000 मेगावाट विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने दावा किया कि एसजेवीएन वर्ष 2040 तक 50000 मेगावाट बिजली बनाएगा। सीएमडी नंदलाल शर्मा ने कहा कि 210 मेगावाट का लुहरी प्रोजेक्ट और 66 मेगावाट का धौलासिद्ध प्रोजेक्ट निर्माण के अधीन है, जबकि सुन्नी बिजली प्रोजेक्ट पर काम एक महीने के अंदर शुरू कर दिया जाएगा। 2600 करोड़ से यह प्रोजेक्ट पांच साल के भीतर बनाया जाएगा।
