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सोलन। नगर निगम सोलन के चुनावों की बिसात बिछ चुकी है। प्रत्याशियों ने घर-घर जाकर दस्तक देना शुरू कर दिया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस बार के घोषणापत्रों और चुनावी भाषणों में कुछ भी नया नहीं है। मतदाताओं का कहना है कि जो मुद्दे 2021 के नगर निगम चुनाव में ‘हॉट टॉपिक’ थे, उम्मीदवार आज भी उन्हीं के इर्द-गिर्द घूम रहे हैं।
1. वही पुराने मुद्दे, वही अधूरी कसमें
2021 के चुनाव में जिन समस्याओं के समाधान का वादा किया गया था, उनमें से अधिकांश आज भी जस की तस बनी हुई हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
पार्किंग की समस्या: शहर में पार्किंग का अभाव साल 2021 में भी सबसे बड़ा मुद्दा था और आज भी सोलन की जनता सड़कों पर गाड़ियाँ खड़ी करने को मजबूर है।
कूड़ा प्रबंधन (Garbage Management): डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन और डंपिंग साइट की समस्या का ठोस समाधान आज भी कागजों तक सीमित है।
पानी की किल्लत: सोलन को ‘सपनों का शहर’ तो कहा जाता है, लेकिन गर्मियों में पानी की सप्लाई का पटरी से उतरना आज भी एक कड़वा सच है।
2. नए विज़न का अभाव
जानकारों का मानना है कि राजनीतिक दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के पास शहर के विकास के लिए कोई ‘न्यू ब्लूप्रिंट’ नहीं है। डिजिटल गवर्नेंस, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम या सोलन को पर्यटन हब बनाने जैसे आधुनिक विचारों पर चर्चा होने के बजाय, प्रत्याशी केवल पुरानी शिकायतों को भुनाने में लगे हैं।
3. मतदाताओं की उदासीनता
वार्डों में चर्चा है कि अगर 5 साल बाद भी मुद्दे नहीं बदले, तो जनप्रतिनिधियों के बदलने का क्या लाभ? ग्रामीण क्षेत्रों से नगर निगम में शामिल किए गए नए वार्डों की स्थिति और भी खराब है। वहां के लोग आज भी ‘शहरी टैक्स और ग्रामीण सुविधाएं’ के बीच फंसे हुए महसूस कर रहे हैं।
4. क्या कहते हैं राजनीतिक गलियारे?
बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही मुख्य दल एक-दूसरे पर विकास रोकने का आरोप लगा रहे हैं। जहां सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियां गिना रहा है, वहीं विपक्ष 2021 के अधूरे वादों को हथियार बनाकर मैदान में है। हालांकि, धरातल पर किसी भी दल ने सोलन की बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए कोई क्रांतिकारी समाधान पेश नहीं किया है।
निष्कर्ष: सोलन के मतदाताओं के लिए यह चुनाव “नई बोतल में पुरानी शराब” जैसा साबित हो रहा है। उम्मीदवारों के पास नए मुद्दों की कमी यह दर्शाती है कि शहर का विकास पिछले कुछ वर्षों में शायद उसी मोड़ पर खड़ा रह गया है, जहाँ वह 2021 में था।
चुनाव की मुख्य तिथियां (रिमाइंडर):
मतदान: 17 मई, 2026
नतीजे: 31 मई, 2026
क्या सोलन की जनता इस बार केवल चेहरों को चुनेगी या वादों के पीछे के सच को भी परखेगी? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

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