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बद्दी/उत्तराखंड: आईईसी विश्वविद्यालय, बद्दी (हिमाचल प्रदेश) के विभिन्न विभागों के छात्रों के लिए उत्तराखंड स्थित राजाजी नेशनल पार्क का तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव में बदलना और छात्रों को प्रकृति व पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के करीब लाना था।
वन्यजीव सफारी और जैव-विविधता का अध्ययन
भ्रमण के दौरान छात्रों ने पार्क के चीला रेंज में रोमांचक जंगल सफारी का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने अपने प्राकृतिक आवास में विचरण करते हुए:
एशियाई हाथी
तेंदुए
हिरणों की विभिन्न प्रजातियां
छात्रों ने न केवल इन वन्यजीवों को देखा, बल्कि हिमालय की तलहटी (शिवालिक रेंज) में पाई जाने वाली दुर्लभ वनस्पतियों और वहां की समृद्ध जैव-विविधता का भी गहन अध्ययन किया।
विशेषज्ञों के साथ संवाद
भ्रमण को अधिक ज्ञानवर्धक बनाने के लिए पार्क के वन अधिकारियों और गाइडों के साथ एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में छात्रों को निम्नलिखित विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी मिली:
प्रोजेक्ट एलीफेंट: हाथियों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे सरकारी प्रयासों की जानकारी।
संरक्षण की चुनौतियां: वन्यजीवों और जंगलों को बचाने में आने वाली जमीनी मुश्किलों पर चर्चा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का दृष्टिकोण
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस तरह के शैक्षणिक दौरों का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता जगाना और उनमें टीम वर्क जैसे गुणों का विकास करना है। संकाय सदस्यों (Faculty members) के मार्गदर्शन में छात्रों ने पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बारीकी से समझा।
“प्रकृति के करीब रहकर सीखना हमारे शैक्षणिक जीवन का एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव रहा।”
— भ्रमण में शामिल छात्र
इस सफल दौरे ने छात्रों को कक्षा की चारदीवारी से बाहर निकलकर प्राकृतिक परिवेश में सीखने का एक अनूठा अवसर प्रदान किया, जिससे वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जागरूक होकर लौटे हैं।

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