धर्मशाला। एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला गुरुवार को एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना। आईपीएल इतिहास के सबसे तेज गेंदबाजों में शुमार जसप्रीत बुमराह ने पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले में पहली बार मुंबई इंडियंस की कप्तानी का जिम्मा संभाला। नियमित कप्तान हार्दिक पांड्या और उपकप्तान सूर्यकुमार यादव की अनुपस्थिति में टीम प्रबंधन ने बुमराह के अनुभव पर मुहर लगाई। लंबे समय से मुंबई के गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ रहे बुमराह के लिए यह जिम्मेदारी न केवल उनके नेतृत्व कौशल का प्रमाण है, बल्कि टीम में उनके बढ़ते कद की भी बड़ी पहचान है। साल 2013 में मुंबई इंडियंस के साथ अपना आईपीएल सफर शुरू करने वाले जसप्रीत बुमराह ने अपनी सटीक यॉर्कर और धारदार गेंदबाजी से क्रिकेट में अपनी धाक जमाई है। बुमराह पिछले एक दशक में वे फ्रेंचाइजी के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरे हैं। धर्मशाला की खूबसूरत वादियों में उनके कप्तानी कॅरिअर की इस शुरुआत ने इस मुकाबले को प्रशंसकों के लिए और भी यादगार बना दिया।
मुकाबला शुरू होने के बाद भी नहीं बिके टिकट, कई स्टैंड रहे खाली
एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला में पंजाब किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच मुकाबले के दौरान इस बार वह पुराना जुनून नदारद दिखा। आलम यह रहा कि गुरुवार को मैच शुरू होने के बाद भी ऑनलाइन पोर्टल पर विभिन्न स्टैंडों के टिकट बिक्री के लिए उपलब्ध रहे। 6,500 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक की भारी-भरकम कीमत वाले प्रीमियम और आतिथ्य श्रेणी के टिकटों को अंत तक खरीदार नहीं मिल पाए। क्रिकेट प्रेमियों का स्पष्ट कहना है कि इस बार टिकटों के दाम पिछले वर्षों के मुकाबले कई गुना बढ़ा दिए गए हैं, जिसके चलते आम दर्शकों ने स्टेडियम से दूरी बना ली है। हैरानी की बात यह है कि मैच के दौरान स्टेडियम के कई महत्वपूर्ण स्टैंड्स में सीटें खाली नजर आईं। विशेष रूप से सीपी प्लस वेस्ट स्टैंड-1, सीपी प्लस प्वेलियन टैरेस और बीकेटी टेयर ईस्ट स्टैंड-3 सहित तीन अन्य स्टैंडों में दर्शकों की भारी कमी देखी गई। इससे पहले खेले गए मुकाबले में भी आठ स्टैंडों के टिकट मैच शुरू होने तक उपलब्ध थे। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि धर्मशाला में जिस तरह की भारी भीड़ और शोर पहले हुआ करता था, वह इस बार टिकटों की महंगाई के कारण गायब है।