शिमला। हिमाचल में शहरी निकायों के हुए चुनाव में कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश भर में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत का बड़ा दावा किया है। इस लिहाज से इन चुनावों में प्रदेश भर में कांग्रेस ने ओवरऑल बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य में रविवार को 25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों में हुए चुनाव की मतगणना पूरी हो गई है, जबकि चार नगर निगमों की मतगणना 31 मई को की जाएगी। कांग्रेस शासित राज्य में प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश के 10 जिलों में हुए शहरी निकायों के चुनाव में शिमला जिला सहित कांगड़ा, सिरमौर, कुल्लू में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों द्वारा बढ़त हासिल करने का दावा नेता कर रहे हैं, जबकि कई जिलो में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। प्रदेश के सबसे बड़े जिला कांगड़ा की जनता ने कांग्रेस सरकार की नीतियों पर मुहर लगाई है। जिला कांगड़ा के शाहपुर नगर पंचायत की सात सीटों में से दो पर भाजपा, एक कांग्रेस और चार सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं। वहीं नगर परिषद नूरपुर की नौ सीटों में से छह पर कांग्रेस, जबकि तीन पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते है। नगर परिषद देहरा की सात सीटों में से पांच पर कांग्रेस और दो पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीते हैं। नगर परिषद ज्वालामुखी की कुल नौ सीटों में से सात पर कांग्रेस, जबकि दो पर भाजपा समर्थित काबिज हुए हैं। जिला कांगड़ा में ओवरऑल कांग्रेस ने भाजपा से बेहतर प्रदर्शन किया है। प्रदेश के ऊना के हरोली में डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के गृह विधानसभा क्षेत्र की नगर पंचायत टाहलीवाल में पांच भाजपा समर्थित और दो सीटों पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी विजेता रहे। नगर पंचायत गगरेट में भाजपा ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी सात सीटों पर कब्जा जमाया है। संतोषगढ़ नगर परिषद की कुल नौ सीटों में से भाजपा ने छह और तीन पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।
जिला की नगर परिषद मैहतपुर, वसधेहड़ा की नौ सीटों पर चार भाजपा, तीन कांग्रेस और दो पर निर्दलीयों ने अपनी जीत का झंडा बुलंद किया है। दौलतपुर चौक नगर पंचायत की सात सीटों में कांग्रेस की पांच सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा के हिस्से में यहां दो सीटें आई है। नगर पंचायत अंब की नौ सीटों पर कांग्रेस ने पांच, जबकि भाजपा के खाते में तीन सीटें आई है, जबकि एक पर अन्य ने जीत दर्ज की है। सोलन जिला के तहत आने वाली नगर परिषद परवाणु की नौ सीटों में से पांच पर भाजपा, जबकि चार पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। नालागढ़ नगर परिषद में सात पर भाजपा, एक कांग्रेस और एक सीट पर अन्य ने कब्जा जमाया है। इसी तरह अर्की नगर पंचायत की सात सीटों में चार पर भाजपा और तीन पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार काबिज हुए हैं। नगर पंचायत कंडाघाट में भाजपा ने पांच, जबकि कांग्रेस ने दो सीटें हासिल की है। सिरमौर जिला के नगर परिषद नाहन में सात पर भाजपा और छह पर कांग्रेस, नगर पंचायत राजगढ़ में पांच कांग्रेस, जबकि दो पर भाजपा ने कब्जा जमाया है। नगर परिषद बिलासपुर में नौ सीटों पर भाजपा, दो पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते है। घुमारवी में पांच पर भाजपा, दो कांग्रेस और दो पर आजाद प्रत्याशी काबिज हुए हैं। नगर परिषद श्रीनयनादेवी जी की कुल सात सीटों में पांच भाजपा और दो कांग्रेस के खाते में आई है, वहीं नगर पंचायत तलाई में पांच भाजपा और दो में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार विजयी हुए हैं। जिला मंडी की नगर परिषद जोगिंद्रनगर की सात सीटों में से पांच भाजपा, दो निर्दलीय ने जीती हैं। नेरचौक नगर परिषद की नौ सीटों में से आठ कांग्रेस, एक भाजपा, सुंदरनगर परिषद के 13 वार्डों में से नौ पर भाजपा, दो कांग्रेस व दो निर्दलीय चुनाव जीते हैं। सरकाघाट नगर परिषद की सात सीटों में से भाजपा चार और कांग्रेस तीन, जबकि रिवालसर नगर पंचायत की सात सीटों में पांच पर कांग्रेस, एक भाजपा और एक पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। कुल्लू जिला की नगर परिषद मनाली की सातों सीटों पर भाजपा जीती है। नगर परिषद कुल्लू की 11 सीटों में से तीन पर भाजपा, तीन कांग्रेस और पांच निर्दलीय जीते हैं। भुंतर नगर पंचायत की सात सीटों में से चार कांग्रेस और तीन भाजपा ने जीती हैं। बंजार नगर पंचायत की सात सीटों में से पांच पर कांग्रेस, जबकि दो पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी काबिज हुए हैं।
निरमंड नगर पंचायत की सात सीटों में से पांच कांग्रेस, जबकि दो आजाद प्रत्याशियों की झोली में गई हैं। हमीरपुर जिला की नगर पंचायत भोटा की सात सीटों में से तीन पर भाजपा और चार पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं। वहीं सुजानपुर टीहरा नगर परिषद की नौ सीटों में से तीन भाजपा, तीन कांग्रेस और तीन पर निर्दलीय काबिज हुए हैं। जिला चंबा की नगर परिषद डलहौजी की नौ सीटों में से चार पर भाजपा, जबकि पांच पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। नगर पंचायत चुवाड़ी की सात सीटों में से पांच पर कांग्रेस, दो पर भाजपा, नगर परिषद चंबा की 11 सीटों में पांच-पांच पर भाजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार व एक सीट अन्य की झोली में गई है। जिला शिमला के तहत नगर परिषद ठियोग में तीन भाजपा व तीन ही कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी विजेता रहे हैं। एक निर्दलीय जीता है। रामपुर में भी पहली बार भाजपा ने सेंधमारी की है। यहां भाजपा के पांच, जबकि चार कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीते हैं। नगर पंचायत कोटखाई में भाजपा समर्थित विजेता पांच और कांग्रेस समर्थित विजेता दो प्रत्याशी विजेता रहे हैं। नगर पंचायत चिडग़ांव में कांग्रेस समर्थित चार और भाजपा समर्थित विजेता एक व दो निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। नगर पंचायत नेरवा में छह भाजपा और एक प्रत्याशी कांग्रेस समर्थित ने जीत दर्ज की है। नगर पंचायत चौपाल सात सीटों में से पांच पर कांग्रेस, जबकि दो पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। जुब्बल नगर पंचायत की सात सीटों में से छह पर कांग्रेस, जबकि एक भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीता है। नगर पंचायत सुन्नी में सात सीटों में से चार पर भाजपा और दो पर कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत हुई है। जबकि एक सीट निर्दलीय की झोली में डाली जा रही है।
नगरोटा बगवां में छाई भाजपा
ऩगरोटा बगवां नगर परिषद में चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए चौंकाने वाले रहे हैं। यहां कुल सात सीटों में से चार पर भाजपा ने जीत का दावा किया है, वहीं कांग्रेस समर्थक सिर्फ दो उम्मीदवारों के खाते में जीत आई है। एक सीट निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती है। नगरोटा बगवां में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित है, जिसके चलते यहां भाजपा की उम्मीदों पर पेंच फंसता दिख रहा है।
