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शिमला। हिमाचल प्रदेश में जागरूक समाज और मतदाताओं ने विकास के साथ भाईचारे की मिसाल को कायम रखते हुए पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में 8841 उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 21,678 वार्ड सदस्य पदों में से 8,398 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं पंचायत समिति के 1,769 पदों में 61 सदस्यों पर सहमति के साथ विकास का भरोसा जताया है। राज्य में प्रधान पद की बात की जाए तो कुल 3,758 पदों में 145 उम्मीदवार प्रधान पद के लिए चुने गए हैं। वहीं उपप्रधान के लिए 3,758 पदों में से 237 उम्मीदवार बिना चुनाव मैदान में उतरे ही विजयी घोषित हो गए। हालांकि जिला परिषद के 251 पदों पर हालांकि एक भी उम्मीदवार निर्विरोध नहीं चुना गया।

जिला परिषद में पंचायतों की संख्या अधिक होने के चलते इसके लिए प्रयत्न करना और सहमति बनाना बहुत ही टेढ़ी खीर है लेकिन प्रदेश में गांव के भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना से विकास करवाने की राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की जनता से यह बहुत बड़ी मिसाल पेश की है।प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में लगातार उम्मीदवारों के चुनाव की स्थिति बदल रही है। इससे पहले चुनाव आयोग ने 24 अप्रैल को 31182 पदों के लिए चुनाव करवाने की घोषणा की थी जबकि निर्विरोध 8841 उम्मीदवारों को चुने जाने के बाद अब 22341 पदों के लिए ही चुनाव होगा।

शिमला में 1687 प्रत्याशी बिना मुकाबला विजयी

सबसे ज्यादा निर्विरोध उम्मीदवार शिमला जिले में सामने आए हैं। यहां वार्ड सदस्य के 1,687 उम्मीदवारों ने बिना मुकाबले जीत दर्ज की है। सिरमौर में 1,166 और मंडी में 1,296 वार्ड सदस्य निर्विरोध चुने गए। कांगड़ा में भी 1,657 वार्ड सदस्य बिना चुनाव जीते हैं।

सबसे अधिक 8398 वार्ड सदस्य चुने निर्विरोध

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों से पहले ही बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना लोकतंत्र की नई तस्वीर पेश कर रहा है। प्रदेशभर में जिला परिषद, पंचायत समिति, प्रधान, उप-प्रधान और वार्ड सदस्य पदों पर कुल 8,841 उम्मीदवार बिना मुकाबले निर्वाचित हो चुके हैं। सबसे अधिक निर्विरोध जीत वार्ड सदस्य पदों पर दर्ज की गई है। राज्य निर्वाचन आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कुल 21,678 वार्ड सदस्य पदों में से 8,398 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। वहीं पंचायत समिति के 1,769 पदों में 61, प्रधान के 3,758 पदों में 145 और उप-प्रधान के 3,758 पदों में 237 उम्मीदवार बिना चुनाव मैदान में उतरे ही विजयी घोषित हो गए। जिला परिषद के 251 पदों पर हालांकि एक भी उम्मीदवार निर्विरोध नहीं चुना गया।

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