शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंगलवार को लू के बीच पंचायतों में रिकॉर्ड 78.83 फीसदी मतदान हुआ। पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के पहले चरण में 1293 पंचायतों में मतदाताओं ने मतदान प्रक्रिया में बढ़कर भाग लेकर गांव की सरकार चुनने में अपनी भागीदारी निभाई। वर्ष 2021 के मुकाबले इस बार पहले चरण में 1.83 फीसदी अधिक मतदान हुआ है जबकि वर्ष 2015 में हुए पंचायतीराज संस्थाओं के पहले चरण में 68.59 फीसदी मतदान हुआ था। कुल्लू जिले में सबसे अधिक 84.43 और लाहौल-स्पीति में सबसे कम लगभग 69.40 फीसदी मतदान हुआ। वोट डालने में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने अधिक उत्साह दिखाया। राज्य के 10 जिलों में महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत पुरुषों की तुलना में अधिक रहा। कुल्लू में महिला मतदान प्रतिशत सबसे अधिक लगभग 85 फीसदी रहा। सिरमौर जिले में तिलोरधार पंचायत के धर्मीन बूथ में सबसे अधिक 97 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
पंचायतों में सुबह 7:00 से दोपहर 3:00 बजे तक मतदान हुआ। मतदाताओं ने प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के अलावा जिला परिषद सदस्य व पंचायत समिति सदस्य के लिए वोट डाले। प्रधान, उपप्रधान व वार्ड सदस्य की गिनती मतदान समाप्त होने के बाद शुरू हुई जबकि जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के लिए पड़े मतों की गिनती 31 मई को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक वर्ष 2021 में पंचायती राज संस्थाओं के प्रथम चरण के चुनाव में 1228 पंचायतों में करीब 77 प्रतिशत मतदान हुआ था, इस बार 78.83 फीसदी मतदान हुआ है। आयोग के मुताबिक 250 जिला परिषद वार्डों और 1684 पंचायत समिति वार्डों की मतगणना 31 मई को करवाई जाएगी और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे।
पहले चरण में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। 28 और 30 मई को दूसरे और तीसरे चरण में मतदान होना है। 31 मई को नगर निगम और जिला परिषद बीडीसी सदस्य के नतीजे आएंगे।– अनिल खाची, राज्य निर्वाचन आयुक्त
