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शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जयराम ठाकुर जब खुद मुख्यमंत्री थे, तो उस समय चुनाव के दौरान उन्होंने कैबिनेट बैठक बुलाई थी। हमने भी कैबिनेट बैठक की। उन्होंने कहा कि पूर्व में रहे सभी मुख्यमंत्रियों वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के समय भी कैबिनेट हुई। मुख्यमंत्री गेयटी में एक कार्यक्रम से पहले मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भाजपा अब शिकायतें कर रही है। जयराम ठाकुर से यह पूछा जाना चाहिए कि जिस समय कैबिनेट मीटिंग की थी, उस समय सरकार का क्या कोई काम रुका था? सरकार का काम चलता रहता था। उनके प्रोसीजर को देखते हुए ही हमने कैबिनेट की है। एक जून को हम इसकी प्रेस ब्रीफ्रिंग करेंगे तो इसमें उन्हें कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। विरोध करना होता है, लेकिन किस को लेकर विरोध करना है, वह भाजपा को देखना चाहिए। भाजपा का दायित्व यह बन गया है कि वो करें, तो पुण्य हैं और हम करें तो पाप। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्यपाल ने उनसे कुछ बातें कही हैं।

कुछ मामले ध्यान में लाए गए हैं। सरकार उनका ध्यान रखेगी। हमने विधानसभा सत्र के दौरान विधवा एवं अनाथ सेस को पांच प्रतिशत बढ़ाने की बात कही थी। तब भाजपा ने वॉकआउट किया था। हमने कहा था कि जो विधवा और अनाथ हैं, उनके लिए हम एक सेस लगा सकते हैं। कब लगाएंगे, नहीं लगाएंगे, यह नहीं कहा था। एक एक्ट के तहत यह अधिकार कानून के तौर पर सरकार रखना चाहती थी, जिसको हमने पास करवाया था। हमने तो कोई सेस नहीं लगाया, लेकिन केंद्र सरकार ने सात दिन में लगा दिया। हमने एक फैसला किया है कि कोई भी रेस्टोरेंट या बार या कोई भी दुकान, जिसकी क्षमता है, तो वह 24 घंटे खुले रह सकते हैं, लेकिन कोई कर्मचारी इसमें काम करता है तो उसको पूरा मेहनताना देना होगा।

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